पंजीकृत जनसेवी संस्था • पंजी. 190/नागौर/2009-10 • दर्पण ID: RJ/2016/0109033
जमीनी जनसेवा, विधिक सुरक्षा व स्वावलम्बी आजीविका
नागौर नगर कोतवाली पुलिस थाना परिसर में महिला सुरक्षा केंद्र, बीकानेर में नशा मुक्ति पुनर्वास तथा ग्रामीण अंचलों में खादी व सिलाई आजीविका केंद्रों का निरंतर संचालन।
“11 वर्षों के ऑडिटेड वार्षिक प्रतिवेदन, निरीक्षण रिपोर्ट व ऑडिट बैलेंस शीट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध।”

2009 से नागौर मुख्यालय से संचालित पंजीकृत जनसेवी संस्था
मारूत नारायण सेवा संस्थान (पंजीकरण सं. 190/नागौर/2009-10) राजस्थान के नागौर, बीकानेर व मरुस्थलीय अंचलों में सांविधिक विधिक सुरक्षा, चिकित्सकीय नशा मुक्ति और महिला स्वरोजगार के क्षेत्र में काम करने वाली गैर-राजनीतिक संस्था है। हमारे सभी वित्तीय विवरण व कार्य रिपोर्ट सीए ऑडिटेड एवं सार्वजनिक हैं।
बिना किसी बिचौलिए के प्रत्यक्ष फील्ड उपस्थिति: पुलिस थानों में पीड़िता सहायता डेस्क, नशामुक्त जीवन का वैज्ञानिक उपचार, तथा सिलाई व दस्तकारी से ग्रामीण महिलाओं की स्वतंत्र आमदनी।

राजस्थान भर में सक्रिय फील्ड हस्तक्षेप
महिला परामर्श केंद्र, चिकित्सकीय नशा मुक्ति, खादी दस्तकारी व कौशल प्रशिक्षण के प्रमाणित केंद्र

महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र
चूरू, प्रतापगढ़, हनुमानगढ़महिलाओं को कानूनी, चिकित्सा व सामाजिक सहायता एवं सुरक्षा प्रदान करना।
विवरण व साक्ष्य देखें
हस्तशिल्प / टूल किट वितरण
बीकानेरस्वरोजगार हेतु टूल किट वितरण एवं उद्यमिता प्रोत्साहन।
विवरण व साक्ष्य देखें
खादी सिलाई मशीन प्रशिक्षण
बीकानेरमहिलाओं को सिलाई और वस्त्र निर्माण का कौशल प्रशिक्षण।
विवरण व साक्ष्य देखें
नशा मुक्ति केंद्र संचालन
बीकानेर, नागौरचिकित्सकीय देखभाल, परामर्श और पुनर्वास के माध्यम से नई शुरुआत।
विवरण व साक्ष्य देखें
खादी जन शिक्षा कार्यक्रम
नागौरबच्चों एवं युवाओं के लिए शिक्षा, साक्षरता एवं व्यक्तित्व विकास।
विवरण व साक्ष्य देखेंराजस्थान के 5 जिलों में प्रत्यक्ष फील्ड उपस्थिति
हमारे मुख्य कार्य क्षेत्र
राजस्थान के 5 प्रमुख जिलों में प्रत्यक्ष जमीनी उपस्थिति

सार्वजनिक अभिलेख व प्रगति रिपोर्ट (2014 – 2025)
सांविधिक विधिक प्रस्तुतियां, सीए ऑडिटेड वित्तीय बैलेंस शीट व प्रत्यक्ष निरीक्षण रिकॉर्ड।
2014–15 की प्रमुख उपलब्धियाँ
हस्तशिल्प, महिला कौशल प्रशिक्षण व सामाजिक जागरुकता अभियान
- हस्तशिल्प विकास एवं डिजाइन वर्कशॉप — NIFT प्रशिक्षित डिजाइनरों द्वारा क्राफ्ट, बंधेज व एम्ब्रॉयडरी में 40 शिल्पियों को प्रशिक्षण एवं एक्सपोर्ट लिंकेज
- नशा मुक्ति जागरुकता एवं चिकित्सा परामर्श शिविर — 'नशा-नाश है' संकल्प अभियान व युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर पुनर्वास
- सिलाई-कटाई कौशल विकास प्रशिक्षण — 60 वंचित महिलाओं को प्रशिक्षण; 180 महिलाएं स्वावलम्बी (155 को ₹7,000–₹8,000/माह आय)
- महिलाओं को कानूनी जागरुकता शिविर व नुक्कड़ नाटक — बाल विवाह, दहेज प्रथा व नारी उत्पीड़न रोकथाम पर कानूनी धाराओं की जानकारी
संस्थान का प्रभाव — जनमानस की जुबानी
खादी ग्रामोद्योग, वस्त्र मंत्रालय व राजस्थान पुलिस के साथ संचालित अभियानों से लाभान्वित परिवारों के 100% सत्यापित अनुभव

“2009 से मारूत नारायण सेवा संस्थान का एक ही ध्येय रहा है — राजस्थान के अंतिम छोर तक समाज के वंचित, शोषित और पीड़ित नागरिकों को स्वावलंबन और न्याय दिलाना। चाहे वह खादी ग्रामोद्योग के तहत सिलाई व कुम्हारी सशक्तिकरण हो, राजस्थान पुलिस के साथ महिला सुरक्षा केंद्र हों, या बीकानेर में नशा मुक्ति अस्पताल — हमारी पूरी टीम पूर्ण पारदर्शिता और समर्पण के साथ जमीनी स्तर पर कार्यरत है।”

“संस्थान की 20-मशीन सिलाई लैब और खादी ग्रामोद्योग (KVIC) के 3 माह के उन्नत प्रशिक्षण से आज मैं अपने घर पर बुटीक चला रही हूँ और सम्मानपूर्वक ₹12,000+ प्रतिमाह कमाकर परिवार का भरण-पोषण कर रही हूँ।”

“25-बेड नशा मुक्ति अस्पताल में 24/7 चिकित्सकीय देखरेख, सीबीटी काउंसलिंग और दैनिक योगाभ्यास ने मेरी 8 साल पुरानी लत छुड़वाई। आज मैं 3 वर्षों से पूरी तरह स्वस्थ हूँ और स्थानीय वर्कशॉप में काम कर रहा हूँ।”

“धरियावद पुलिस थाना परिसर स्थित MSSK केंद्र की महिला काउंसलर्स ने मेरे पारिवारिक विवाद को बिना कोर्ट-कचहरी के सम्मानजनक सुलह में बदला। मुझे सिलाई मशीन लिंकेज भी मिला जिससे मैं स्वतंत्र हूँ।”

“हाथ से चाक घुमाने में पूरा दिन बीत जाता था और उत्पादन सीमित था। KVIC एवं MNSS द्वारा मिले मोटराइज्ड इलेक्ट्रिक चाक से मेरा उत्पादन तीन गुना बढ़ गया है और मिट्टी के बर्तनों की फिनिशिंग उत्कृष्ट हुई है।”

“नोहर वृत्त कार्यालय में तैनात वरिष्ठ काउंसलर ने हमारे वैवाहिक विवाद में दोनों पक्षों को बिठाकर कानूनी व सामाजिक संबल दिया। आज हमारा परिवार एकजुट है और मैं MNSS की महिला बैठकों में सहयोग करती हूँ।”

“वस्त्र मंत्रालय व ITDP के सहयोग से संस्थान द्वारा मिले आधुनिक काष्ठकला टूल्स और पहचान कार्ड से हमें स्थानीय फर्नीचर मार्केट में सीधे ऑर्डर्स मिलने लगे हैं। बिचौलियों की निर्भरता समाप्त हो गई है।”

“2009 से मारूत नारायण सेवा संस्थान का एक ही ध्येय रहा है — राजस्थान के अंतिम छोर तक समाज के वंचित, शोषित और पीड़ित नागरिकों को स्वावलंबन और न्याय दिलाना। चाहे वह खादी ग्रामोद्योग के तहत सिलाई व कुम्हारी सशक्तिकरण हो, राजस्थान पुलिस के साथ महिला सुरक्षा केंद्र हों, या बीकानेर में नशा मुक्ति अस्पताल — हमारी पूरी टीम पूर्ण पारदर्शिता और समर्पण के साथ जमीनी स्तर पर कार्यरत है।”

“संस्थान की 20-मशीन सिलाई लैब और खादी ग्रामोद्योग (KVIC) के 3 माह के उन्नत प्रशिक्षण से आज मैं अपने घर पर बुटीक चला रही हूँ और सम्मानपूर्वक ₹12,000+ प्रतिमाह कमाकर परिवार का भरण-पोषण कर रही हूँ।”

“25-बेड नशा मुक्ति अस्पताल में 24/7 चिकित्सकीय देखरेख, सीबीटी काउंसलिंग और दैनिक योगाभ्यास ने मेरी 8 साल पुरानी लत छुड़वाई। आज मैं 3 वर्षों से पूरी तरह स्वस्थ हूँ और स्थानीय वर्कशॉप में काम कर रहा हूँ।”

“धरियावद पुलिस थाना परिसर स्थित MSSK केंद्र की महिला काउंसलर्स ने मेरे पारिवारिक विवाद को बिना कोर्ट-कचहरी के सम्मानजनक सुलह में बदला। मुझे सिलाई मशीन लिंकेज भी मिला जिससे मैं स्वतंत्र हूँ।”

“हाथ से चाक घुमाने में पूरा दिन बीत जाता था और उत्पादन सीमित था। KVIC एवं MNSS द्वारा मिले मोटराइज्ड इलेक्ट्रिक चाक से मेरा उत्पादन तीन गुना बढ़ गया है और मिट्टी के बर्तनों की फिनिशिंग उत्कृष्ट हुई है।”

“नोहर वृत्त कार्यालय में तैनात वरिष्ठ काउंसलर ने हमारे वैवाहिक विवाद में दोनों पक्षों को बिठाकर कानूनी व सामाजिक संबल दिया। आज हमारा परिवार एकजुट है और मैं MNSS की महिला बैठकों में सहयोग करती हूँ।”

“वस्त्र मंत्रालय व ITDP के सहयोग से संस्थान द्वारा मिले आधुनिक काष्ठकला टूल्स और पहचान कार्ड से हमें स्थानीय फर्नीचर मार्केट में सीधे ऑर्डर्स मिलने लगे हैं। बिचौलियों की निर्भरता समाप्त हो गई है।”

“2009 से मारूत नारायण सेवा संस्थान का एक ही ध्येय रहा है — राजस्थान के अंतिम छोर तक समाज के वंचित, शोषित और पीड़ित नागरिकों को स्वावलंबन और न्याय दिलाना। चाहे वह खादी ग्रामोद्योग के तहत सिलाई व कुम्हारी सशक्तिकरण हो, राजस्थान पुलिस के साथ महिला सुरक्षा केंद्र हों, या बीकानेर में नशा मुक्ति अस्पताल — हमारी पूरी टीम पूर्ण पारदर्शिता और समर्पण के साथ जमीनी स्तर पर कार्यरत है।”

“संस्थान की 20-मशीन सिलाई लैब और खादी ग्रामोद्योग (KVIC) के 3 माह के उन्नत प्रशिक्षण से आज मैं अपने घर पर बुटीक चला रही हूँ और सम्मानपूर्वक ₹12,000+ प्रतिमाह कमाकर परिवार का भरण-पोषण कर रही हूँ।”

“25-बेड नशा मुक्ति अस्पताल में 24/7 चिकित्सकीय देखरेख, सीबीटी काउंसलिंग और दैनिक योगाभ्यास ने मेरी 8 साल पुरानी लत छुड़वाई। आज मैं 3 वर्षों से पूरी तरह स्वस्थ हूँ और स्थानीय वर्कशॉप में काम कर रहा हूँ।”

“धरियावद पुलिस थाना परिसर स्थित MSSK केंद्र की महिला काउंसलर्स ने मेरे पारिवारिक विवाद को बिना कोर्ट-कचहरी के सम्मानजनक सुलह में बदला। मुझे सिलाई मशीन लिंकेज भी मिला जिससे मैं स्वतंत्र हूँ।”

“हाथ से चाक घुमाने में पूरा दिन बीत जाता था और उत्पादन सीमित था। KVIC एवं MNSS द्वारा मिले मोटराइज्ड इलेक्ट्रिक चाक से मेरा उत्पादन तीन गुना बढ़ गया है और मिट्टी के बर्तनों की फिनिशिंग उत्कृष्ट हुई है।”

“नोहर वृत्त कार्यालय में तैनात वरिष्ठ काउंसलर ने हमारे वैवाहिक विवाद में दोनों पक्षों को बिठाकर कानूनी व सामाजिक संबल दिया। आज हमारा परिवार एकजुट है और मैं MNSS की महिला बैठकों में सहयोग करती हूँ।”

“वस्त्र मंत्रालय व ITDP के सहयोग से संस्थान द्वारा मिले आधुनिक काष्ठकला टूल्स और पहचान कार्ड से हमें स्थानीय फर्नीचर मार्केट में सीधे ऑर्डर्स मिलने लगे हैं। बिचौलियों की निर्भरता समाप्त हो गई है।”

“2009 से मारूत नारायण सेवा संस्थान का एक ही ध्येय रहा है — राजस्थान के अंतिम छोर तक समाज के वंचित, शोषित और पीड़ित नागरिकों को स्वावलंबन और न्याय दिलाना। चाहे वह खादी ग्रामोद्योग के तहत सिलाई व कुम्हारी सशक्तिकरण हो, राजस्थान पुलिस के साथ महिला सुरक्षा केंद्र हों, या बीकानेर में नशा मुक्ति अस्पताल — हमारी पूरी टीम पूर्ण पारदर्शिता और समर्पण के साथ जमीनी स्तर पर कार्यरत है।”

“संस्थान की 20-मशीन सिलाई लैब और खादी ग्रामोद्योग (KVIC) के 3 माह के उन्नत प्रशिक्षण से आज मैं अपने घर पर बुटीक चला रही हूँ और सम्मानपूर्वक ₹12,000+ प्रतिमाह कमाकर परिवार का भरण-पोषण कर रही हूँ।”

“25-बेड नशा मुक्ति अस्पताल में 24/7 चिकित्सकीय देखरेख, सीबीटी काउंसलिंग और दैनिक योगाभ्यास ने मेरी 8 साल पुरानी लत छुड़वाई। आज मैं 3 वर्षों से पूरी तरह स्वस्थ हूँ और स्थानीय वर्कशॉप में काम कर रहा हूँ।”

“धरियावद पुलिस थाना परिसर स्थित MSSK केंद्र की महिला काउंसलर्स ने मेरे पारिवारिक विवाद को बिना कोर्ट-कचहरी के सम्मानजनक सुलह में बदला। मुझे सिलाई मशीन लिंकेज भी मिला जिससे मैं स्वतंत्र हूँ।”

“हाथ से चाक घुमाने में पूरा दिन बीत जाता था और उत्पादन सीमित था। KVIC एवं MNSS द्वारा मिले मोटराइज्ड इलेक्ट्रिक चाक से मेरा उत्पादन तीन गुना बढ़ गया है और मिट्टी के बर्तनों की फिनिशिंग उत्कृष्ट हुई है।”

“नोहर वृत्त कार्यालय में तैनात वरिष्ठ काउंसलर ने हमारे वैवाहिक विवाद में दोनों पक्षों को बिठाकर कानूनी व सामाजिक संबल दिया। आज हमारा परिवार एकजुट है और मैं MNSS की महिला बैठकों में सहयोग करती हूँ।”

“वस्त्र मंत्रालय व ITDP के सहयोग से संस्थान द्वारा मिले आधुनिक काष्ठकला टूल्स और पहचान कार्ड से हमें स्थानीय फर्नीचर मार्केट में सीधे ऑर्डर्स मिलने लगे हैं। बिचौलियों की निर्भरता समाप्त हो गई है।”
सीए ऑडिटेड वार्षिक बैलेंस शीट व प्रगति रिपोर्ट
वर्ष 2014 से 2025 तक के सभी 11 सत्रों के ऑडिट दस्तावेज सार्वजनिक रूप से डाउनलोड के लिए उपलब्ध हैं।

राजस्थान के जमीनी सेवा प्रकल्पों में प्रत्यक्ष योगदान दें
आपका व्यक्तिगत या कॉर्पोरेट (CSR) योगदान सीधे नागौर कोतवाली महिला परामर्श केंद्र, बीकानेर चिकित्सकीय नशा मुक्ति पुनर्वास व ग्रामीण सिलाई स्वरोजगार केंद्रों के संचालन में उपयोग होता है। आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80G के तहत 50% कर छूट प्राप्त करें।
