महिला सुरक्षा, विधिक परामर्श एवं संकट निवारण केंद्र
मारुत नारायण सेवा संस्थान राजस्थान के पुलिस वृत्तों में अधिकृत 'महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र (MSSK)' का संचालन कर रहा है। यहाँ संकटग्रस्त महिलाओं को निःशुल्क कानूनी सहायता, मनोसामाजिक परामर्श, सुरक्षित आश्रय और आत्मनिर्भर आजीविका से जोड़ा जाता है।
24x7 तत्काल आपातकालीन सहायता • शत-प्रतिशत गोपनीयता की गारंटी
राजस्थान के पुलिस वृत्तों में संचालित महिला परामर्श केंद्र
महिला अधिकारिता निदेशालय, राजस्थान सरकार के सहयोग से संस्थान द्वारा पुलिस थानों में विशेषज्ञ महिला परामर्शदाताओं की तैनाती की गई है।
MSSK Circle Office, Dhariyawad
धरियावद वृत्त क्षेत्र की जनजातीय एवं ग्रामीण महिलाओं को पुलिस परिसर में त्वरित परामर्श, सुलह एवं विधिक सुरक्षा।
MSSK Circle Office, Nohar
पारिवारिक कलह, दहेज प्रताड़ना एवं वैवाहिक विवादों का कानूनी व सामाजिक स्तर पर सौहार्दपूर्ण समाधान।
MSSK Circle Office, Rawatsar
आपातकालीन आश्रय, चिकित्सीय सहायता एवं घरेलू हिंसा संरक्षण आदेश (Protection Orders) दिलाने में सहायता।
MSSK Circle Office, Ratangarh
पीड़ित महिलाओं को मानसिक संबल, कानूनी मार्गदर्शन एवं सिलाई/कौशल प्रशिक्षण द्वारा आत्मनिर्भर बनाने का केंद्र।
MNSS Central Helpline & Coordination Unit
विभिन्न जिलों के मामलों की निगरानी, सखी वन-स्टॉप सेंटर समन्वय एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से सहायता।
संकटग्रस्त महिलाओं के लिए संस्थान द्वारा प्रदत्त सेवाएं
विधिक संरक्षण से लेकर भावनात्मक संबल, सुरक्षित आवास और रोजगार तक — हर कदम पर आपका साथ।
24/7 गोपनीय आपातकालीन सहायता
घरेलू हिंसा, शारीरिक प्रताड़ना अथवा घर से जबरन निकाले जाने पर 24 घंटे तत्काल पुलिस व कानूनी सहायता।
निःशुल्क कानूनी सलाह एवं पैरवी
घरेलू हिंसा अधिनियम, भरण-पोषण (धारा 144 BNSS / 125 CrPC), बाल संरक्षण एवं सुरक्षा आदेश हेतु निःशुल्क विधिक मार्गदर्शन।
मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग एवं ट्रॉमा संबल
प्रशिक्षित महिला मनोवैज्ञानिकों द्वारा मानसिक तनाव, अवसाद व भय से मुक्ति हेतु निरंतर परामर्श सत्र।
पारिवारिक सुलह एवं मध्यस्थता
दोनों पक्षों को साथ बैठाकर बिना कोर्ट-कचहरी के पारिवारिक मतभेदों को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने का प्रयास।
सुरक्षित आवास (आश्रय) एवं चिकित्सा सहायता
संकटग्रस्त महिलाओं और उनके बच्चों को सखी वन-स्टॉप सेंटर व स्वाधार गृह में सुरक्षित निःशुल्क आवास व भोजन।
कौशल प्रशिक्षण एवं आर्थिक स्वावलंबन
सिलाई, ब्यूटी वेलनेस एवं हस्तशिल्प प्रशिक्षण देकर महिलाओं को स्वयं के पैरों पर खड़ा करने का स्थायी प्रयास।
जब आप संपर्क करती हैं, तो हम कैसे सहायता करते हैं?
बिना किसी भय या संकोच के संपर्क करें। आपकी सुरक्षा, सम्मान और निर्णय सर्वोपरि है।
गोपनीय संपर्क एवं सुरक्षित संवाद
हेल्पलाइन कॉल या नजदीकी पुलिस थाना केंद्र पर आएं। आपकी पहचान और जानकारी शत-प्रतिशत गोपनीय रखी जाती है।
समस्या का मूल्यांकन एवं विकल्प चयन
महिला परामर्शदाता संवेदनशीलता से आपकी बात सुनकर सुरक्षा, कानूनी पैरवी या सुलह के विकल्पों पर मार्गदर्शन देती हैं।
त्वरित कार्रवाई, मध्यस्थता या विधिक पैरवी
आपकी सहमति अनुसार पारिवारिक सुलह बैठक, सुरक्षा आदेश हेतु विधिक प्रक्रिया या सुरक्षित आश्रय गृह में स्थानांतरण।
दीर्घकालिक फॉलो-अप एवं आजीविका संबल
सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु 1 वर्ष तक निरंतर फॉलो-अप तथा आत्मनिर्भरता हेतु सिलाई/कौशल प्रशिक्षण से जोड़ना।
महिलाओं के महत्वपूर्ण कानूनी अधिकार एवं सुरक्षा कवच
भारतीय कानून संकटग्रस्त महिलाओं को सशक्त अधिकार प्रदान करता है। जानिए अपने अधिकार:
साझे घर में निवास का अधिकार
विवाहित महिला को उसके ससुराल/साझे घर से जबरन बेदखल नहीं किया जा सकता, भले ही मकान उसके नाम न हो।
शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना से सुरक्षा
न्यायालय द्वारा तत्काल सुरक्षा आदेश (Protection Order) जारी कर आरोपी को महिला के पास आने या प्रताड़ित करने से रोका जा सकता है।
मासिक भरण-पोषण पाने का अधिकार
महिला और उसके नाबालिग बच्चों के भरण-पोषण, भोजन, वस्त्र, शिक्षा व इलाज के लिए पति से मासिक गुजारा भत्ता पाने का अधिकार।
निःशुल्क सरकारी वकील व विधिक सहायता
प्रत्येक महिला को किसी भी अदालत में अपना पक्ष रखने हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) से निःशुल्क वकील पाने का अधिकार है।
नाबालिग बच्चों की कस्टडी का अधिकार
घरेलू विवाद के दौरान बच्चों को मां से अलग होने से बचाने के लिए न्यायालय द्वारा तत्काल अस्थायी कस्टडी प्रदान की जा सकती है।
दहेज निषेध व क्रूरता निवारण
दहेज मांगना, देना या इसके लिए महिला को प्रताड़ित करना कानूनन गैर-जमानती संज्ञेय अपराध है।
